Sunday, 9 August 2020

Story of Ayodhya

 




अयोध्या, भारत के  उत्तर प्रदेश राज्य के अयोध्या जिले का एक नगर और जिले का मुख्यालय है। सरयू नदी के तट पर बसा अयोध्या एक अति प्राचीन धार्मिक स्थल है। मान्यता है कि इस नगर को मनु ऋषि ने बसाया था और इसे 'अयोध्या' का नाम दिया जिसका अर्थ होता है अ-युध्य अथार्थ 'जहां कभी युद्ध नहीं होता। ' इसे 'कौशल देश' भी कहा जाता था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अयोध्या मे सूर्यवंशी/रघुवंशी राजाओं का राज हुआ करता था, जिसमे भगवान श्री राम ने अवतार लिया था। यहाँ पर सातवीं शाताब्दी में चीनी यात्री हेनत्सांग आया था। उसके अनुसार यहाँ 20 बौद्ध मंदिर थे तथा 3000 भिक्षु रहते थे। यह सप्त पुरियों में से एक है-

अयोध्या हिन्दुओं के प्राचीन और सात पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है.

अयोध्या पुण्यनगरी है। अयोध्या श्रीरामचन्द्रजी की जन्मभूमि होने के नाते भारत के प्राचीन साहित्य व इतिहास में सदा से प्रसिद्ध रही है। अयोध्या की गणना भारत की प्राचीन सप्तपुरियों में प्रथम स्थान पर की गई है। अयोध्या की महत्ता के बारे में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनसाधारण में निम्न कहावत प्रचलित है-

गंगा बड़ी गोदावरी,
तीरथ बड़ो प्रयाग,

सबसे बड़ी अयोध्यानगरी,
जहँ राम लियो अवतार।

पारंपरिक इतिहास में, अयोध्या कोसल राज्य की प्रारंभिक राजधानी थी. गौतमबुद्ध के समय कोसल राज्य के दो भाग हो गए थे- उत्तर कोसल और दक्षिण कोसल जिनके बीच में सरयू नदी बहती थी. बता दें, बौद्ध काल में ही अयोध्या के पास एक नई बस्ती बन गई थी जिसका नाम साकेत था. बौद्ध साहित्य में साकेत और अयोध्या दोनों का नाम साथ भी मिलता है. जिससे दोनों के भिन्न अस्तित्व के बारे में जानकारी मिलती है.
अयोध्या और मंदिरों की एक धर्मनगरी है. हर साल लाखों श्रद्धालु यहां पर दर्शन करने आते हैं. आपको बता दें, रामायण की कथा में सरयू नदी अयोध्या से होकर बहती है जिसे दशरथ की राजधानी और राम की जन्भूमि माना जाता है. सरयू के किनारे 14 प्रमुख घाट हैं. जिनमे गुप्तद्वार घाट, कैकेयी घाट, कौशल्या घाट, पापमोचन घाट, लक्ष्मण घाट आदि उल्लेखनीय है. मंदिरों में 'कनक भवन' सबसे सुंदर है.


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